वो दिन

13 दिसम्बर 2025 — यह तारीख मेरे जीवन में एक ऐसा मोड़ लेकर आई जिसे मैं कभी भूल नहीं सकता। उस दिन मैं Torrent Power Ltd में अपने काम के सिलसिले में विंड पावर लोकेशन NPL-150_S (नेकनूर) पहुँचा था। सुबह के 11 बजे थे, जब अचानक सिर में तेज़ दर्द हुआ और आँखों के सामने अंधेरा छा गया।


मैंने अपने ड्राइवर हर्षद को बुलाया और किसी तरह Beed पहुँचा। दोस्तों ने मुझे Life Line Hospital में भर्ती कराया, जो हमारी कंपनी से टाई-अप था। CT स्कैन के बाद पता चला कि मुझे ब्रेन ट्यूमर है।

अगले दिन रिश्तेदार मुझे दिल्ली ले गए। 15 दिसम्बर से इलाज शुरू हुआ और 22 दिसम्बर को ऑपरेशन हुआ। माँ और पत्नी का साथ, रिश्तेदारों का सहयोग और डॉक्टरों की मेहनत ने मुझे नया जीवन दिया। साढ़े चार महीने दिल्ली में रहकर मैंने फिजियोथेरेपी करवाई और धीरे-धीरे फिर से खड़ा हुआ।













इस अनुभव ने मुझे यह सिखाया कि जीवन में अच्छे समय में अति उत्साहित नहीं होना चाहिए और बुरे समय में टूटना नहीं चाहिए। क्योंकि समय का स्वभाव ही परिवर्तनशील है।

  • खुशी में विनम्र रहो — सफलता स्थायी नहीं होती।

  • दुख में साहस रखो — हर अंधेरा एक नई सुबह की शुरुआत है।

  • परिवार और दोस्तों का साथ — यही असली ताकत है।

  • समय कभी भी बदल सकता है — इसलिए हर पल को कृतज्ञता से जियो।

✨ निष्कर्ष

जीवन हमें बार-बार यह याद दिलाता है कि हर परिस्थिति अस्थायी है। चाहे दर्द हो या खुशी, दोनों ही हमें कुछ सिखाने आते हैं। असली जीत तब होती है जब हम हर हाल में संतुलित रहना सीख जाते हैं।




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