Environmental Frame in Present Scenario
वर्त्तमान समय में बदलता पर्यावरण Image Source: Pexels.com समय के साथ न जाने कितना कुछ बदल गया! आज पर्यावरण के चर्चा से न जाने क्यों मन विचलित हो जाता है? समय के साथ-साथ लोग भी बदल रहे है.आज आपको जगह-जगह पर कूड़ा-कचरा का ढ़ेर देखने को मिल जाता है. इसका सबसे बड़ा उदहारण है कि जब आप किसी भी शहर में प्रवेश करते है तो आपको उस शहर से पहले इन कूड़े-कचरे के ढ़ेर आपका स्वागत करते है. Image Source: Pexels.com आज मानव ने अपनी सोच ही परिवार तक सीमित रखी है.हम दो (पति-पत्नी)और हमारे दो बच्चे। उन्हें समाज की सोच से क्या लेना-देना!अब पर्यावरण के बिगड़ते समन्वय के कारण आनेवाले कुछ समय में समूचे सजीव जंतुओं को काफ़ी परेशानियों का सामने करना पड़ सकता है.आज हर तरफ गंदगी है. एक समय में लोग तलाबों, पोखर का पानी ग्रहण किया करते थे. आज इनका पानी पीना तो दूर नहाने के लिए भी स्वच्छ नहीं बचा है. Image Source: Pexels.com आज पेड़-पौधे बेरहमी से काटे जा रहे है.आज कोरोना महामारी ने लोगों को ऑक्सीजन का महत्त्व बता दिया। कई प्रदेशों में इतनी बुरी हालत थी कि लकड़ी तो वहां मिल भी नहीं र...